राष्ट्र भाषा हिन्दी

भारतीय संविधान की धारा ३४३ में यह घोषणा की गई है कि देवनागरी लिपि में हिन्दी भारत की राजकीय भाषा होगी ।यह भी कहा गया किसंघ सरकार का यह कर्तव्य है कि हिन्दी के प्रचार का प्रयत्न करे । १४ सितंबर १९४९ को संविधान सभा द्वारा हिन्दी को राज भाषा के रूप में मान्यता दी गई।हिन्दी भाषा और देवनागरी लिपि के प्रयोग एवं प्रसार हेतु निरंतर प्रयत्नशील रहना ,हमारा प्रथम दायित्व है ।हमारा लक्ष्य है :- हिन्दी सरकार केकामकाज के साथ-साथ जन-जन के व्यवहार की भाषा बने ।

 

    राज भाषा कार्यान्वयन समीति २०१७ -१८के मुख्या उद्देश्य निम्न प्रकार है:

1.      विद्यालय में धारा 3(3) की अनुपालना हो

2.      सभी कर्मचारियों को हिंदी का कार्यसाधक ज्ञान प्राप्त हो

3.      पत्राचार हिंदी में होना सुनिश्चित किया जाये

4.      सरकारी प्रकाशनों को द्विभाषी रूप में प्रकशित किया जाये

 

अध्यक्ष : प्रतिमा मिश्रा, प्राचार्य

      श्री राजेश्वर प्रसाद यादव - पी.जी.टी- हिन्दी

 

 

राज भाषा कार्यान्वयन समीति २०१७ -१८की तिमाही बैठक दिनाक ०७.०७.२०१७ को प्राचार्य की अध्यक्षता में संपन्न  हुई,